eprison up portal

ई-कोर्ट, ई-प्रिसन (eprison up portal)और ई-प्रोसीक्यूशन की व्यवस्था शुरू सीसीटीएनएस से किया गया लिंक इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी लखनऊ, यूपी पुलिस ने eprison portal  के रूप मे एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यूपी पुलिस देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां पर एक क्लिक पर किसी भी अपराधी के जेल से लेकर उसके मुकदमे की सारी जानकारी मिल सकेगी। अब अगर कोई अपराधी पकड़े जाने पर अपने बारे में कुछ छुपाना भी चाहेगा तो वह छुपा नहीं सकेगा। कम्प्यूटर के डाटाबेस पर उसकी पूरी कुंडली मौजूद रहेगी। शुक्रवार को डीजीपी ओपी सिंह और एडीजी टेक्नीकल आशुतोष पाण्डेय ने यूपी पुलिस के लिए ई-कोर्ट, ई-प्रिजन और ई-प्रोसीक्यूशन विकल्प की व्यवस्था को शुरू किया है। इस तीनों व्यवस्थाओं को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है। इसकी मदद से थाने पर बैठे-बैठे कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी अपराधी के कोर्ट से संबंधित, जेल से संबंधित और प्रोसीक्यूशन से संबंधित जानकारी मिनटों में हासिल कर सकता है। एडीजी आशुतोष पाण्डेय ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर हजरतगंज पुलिस किसी रमेश नाम के अपराधी को पकड़ती है और रमेश अपने बारे में कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है तो पुलिस ई-प्रिसन की मदद से उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकती है। रमेश के बारे में पूरे भारत में अगर किसी थाने में कोई मुकदमा दर्ज होगा और अगर वह जेल गया होगा तो सारी जानकारी मिल जायेगी। आगे इस टैक्नालाजी के बारे में जानकारी देते हुए एडीजी ने बताया कि ई-प्रोसीक्यूशन की मदद से पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी अभियोजन से संबंधित सूचना, विधिक अभितम, दोषसिद्घ और दोषमुक्ति की पूरी रिपोर्ट हासिल कर सकेंगे। ठीक इसी तरह ई प्रीसन और ई-कोर्ट की मदद से कैदी का विवरण तैसे कैदी का नाम, माता,पिता पत्नी, फोटो, जन्मतिथि, पहचान चिन्ह, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, राष्टï्रीयता, शिक्षा, मोबाइल, टेलीफोन नम्बर की जानकारी हासिल हो सकती है।