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मक्का की खेती कैसे करें

Makka ki kheti ke bare mein jankari

मक्का(Maize) एक प्रमुख खाद्य फसल हैं, जो मोटे अनाजो की श्रेणी में आता है। भारत में मक्का पूरे साल उगाया जाता है। यह मुख्य रूप से खरीफ की फसल है, जिसमें सीजन में लगभग 85 प्रतिशत क्षेत्र में मक्के की खेती की जाती है। चावल और गेहूं के बाद मक्का भारत में तीसरी सबसे महत्वपूर्ण अनाज की फसल है। देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 10 प्रतिशत इसका हिस्सा है भारत मे मक्का की खेती जिन राज्यो मे व्यापक रूप से की जाती है वे हैं_आन्ध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश इत्यादि। इनमे से राजस्थान व आंध्रा प्रदेश मे मक्का का सर्वाधिक उत्पादन होता है।


जलवायु एवं भूमि:-

जलवायु एवं भूमि:-
मक्का उष्ण एवं आर्द जलवायु की फसल है। ...
खेत की तैयारी :-
खेत की तैयारी के लिए पहला पानी गिरने के बाद जून माह मे हेरो करने के बाद पाटा चला देना चाहिए। ...
मक्का बुवाई का समय :-
खरीफ :- जून से जुलाई तक।
रबी :- अक्टूबर से नवम्बर तक।
जायद :- फरवरी से मार्च तक।


भारत मे 7 प्रकार के मक्का पाए जाते है-

  1. पॉप कॉर्न

  2. स्वीट कॉर्न

  3. फ्लिंट कॉर्न

  4. वैक्सि कॉर्न

  5. पॉड कॉर्न

  6. सॉफ्ट कॉर्न

  7. डेंट कॉर्न

बीज की मात्रा:-

मक्का देशी छोटे दाने वाली प्रजाति के लिए 16-18 किलोग्राम, संकर के लिए 20-22 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर और संकुल प्रजातियों के लिए 18-20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बुवाई करते हैं


1 मक्का बुवाई का समय :

-देर से पकने वाली मक्का की बुवाई मध्य मई से मध्य जून तक पूरी कर लेनी चाहिए, बुवाई के 15 दिन बाद खेत की पहली निराई होना बहुत जरूरी है। शीघ्र पकने वाली मक्का की बुवाई जून के अंत तक पूरी कर ली जाए तथा बरसात के समय वाली 10 जुलाई तक पूरी कर ली जाए

मार्च अप्रैल (जायद)

जून के आरम्भ में।



2 बुवाई का तरीका :-

बीज को हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और सीडड्रिल की सहायता से मेंड़ बनाकर किया जाता है। बीजों को 3-4 सैं.मी. गहराई में बीजें। स्वीट कॉर्न की बिजाई 2.5 सैं.मी. गहराई में करें।


3 प्रसिद्ध किस्में :-

संकर जातियां - गंगा-1, गंगा-4, गंगा-11, डेक्कन-107, केएच-510, डीएचएम-103, डीएचएम-109, हिम-129, पूसा अर्ली हा-1 व 2, विवेक हा-4, डीएचएम-15 आदि।


4 उपर्युक्त भूमि :-

मक्का की खेती सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। परंतु मक्का की अच्छी उत्पादकता के लिए दोमट एवं मध्यम से भारी मिट्टी जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश वाली भूमि उपयुक्त रहती है। इसके लिए ऐसी भूमि हो जहां पानी का निकास अच्छा हो उपयुक्त होती है।

5 खेत की तैयारी :-

मक्का की खेती के लिए बुवाई से पहले 2-3 बार खेत की अच्छी तरह से देशी हल या कल्टीवेटर से अच्छी तरह से जुताई करे,ताकि मिट्टी भुरभुरि हो जाये फिर इसके बाद पाटा चलाकर बुवाई के लिए खेत तैयार करे |

6 अनुकूल जलवायु :-

इसके अंकुरण के लिए उपयुक्त तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और विकास के लिए 32 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए

7 कटाई व उपज

चारे वाली फसल बोने के 60-65 दिन बाद, दाने वाली देशी किस्म बोने के लगभग 75-85 दिन बाद, व संकर एवं संकुल किस्म बोने के 90-115 दिन बाद तथा दाने मे लगभग 25 प्रतिशत् तक नमी हाने पर कटाई करनी चाहिए। अच्छा होगा अगर आप भुट्टों को बाजार मे ले जाने से पहले इसे धूप में सूखा ले और दानों में 13-14 पर्तिशत तक की नमी होनी चाहिए. उचित भडारण के लिए दानों को सुखाने की प्रक्रिया तब तक करनी चाहिए जब तक कि उनमें नमी का अंश लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक न हो जाए

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Q1: भारत मे किस मौसम में मक्का की फसल उगाई जाती है?

Ans:मक्का की खेती के लिए मुख्य मौसम खरीफ है, जबकि प्रायद्वीपीय भारत और बिहार में रबी के दौरान और उत्तरी भारत में वसंत में इसकी खेती की जाती है।

Q2: मक्का की कटाई में कितना समय लगता है?

Ans:मक्का बोने के लगभग 3 से 4 महीने के भीतर, फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है

Q3: मक्का के लिए सर्वाधिक उपयोगी उर्वरक कौन सा है?

Ans:नाइट्रोजन

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