Pradhan Mantri Awas Yojana 2020

अपडेट किया गया: सित. 14

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प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) के बारे में

भारत सरकार द्वारा प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) की स्कीम महंगे रियल स्टेट सेक्टर की अपेक्षा सस्ते घरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरु की गई थी. इस स्कीम का लक्ष्य, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2022 तक देश भर में 20 मिलियन घरों का निर्माण करके "सब के लिए घर (हाउसिंग फॉर ऑल)" के अपने उद्देश्य को प्राप्त करना है.


Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) 2020 - Eligibility

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pradhan mantri awas yojana urban list क्षेत्रों की आवश्यकताओं के आधार पर, इस योजना को दो भागों में बांटा गया है - शहरी और ग्रामीण. 1. प्रधान मंत्री आवास योजना अर्बन (PMAY-U) वर्तमान में, प्रधान मंत्री आवास योजना अर्बन (PMAY-U) की इस स्कीम के अंतर्गत लगभग 4,331 कस्बे और शहर हैं. इसमें शहरी विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विकास क्षेत्र, अधिसूचित योजना, और शहरी प्राधिकरण और नियमों के लिए उत्तरदायी सभी अन्य प्राधिकरण शामिल हैं. यह स्कीम निम्नलिखित तीन चरणों में कार्य करेगी: फेस 1. चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में अप्रैल 2015 और मार्च 2017 के बीच 100 शहरों को कवर करना. फेस 2. अप्रैल 2017 और मार्च 2019 के बीच 200 अतिरिक्त शहरों को कवर करना. फेस 3. अप्रैल 2019 और मार्च 2022 के बीच बचे हुए शहरों को कवर करना. आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स) के डेटा के अनुसार, 1 जुलाई 2019 तक, सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में PMAY-U की प्रगति इस प्रकार है:

  • स्वीकृत घर - 83.63 लाख

  • पूरे हो चुके मकान - 26.08 लाख

  • अधिगृहीत मकान - 23.97 लाख

समान डेटा के अनुसार, इन्वेस्ट की जाने वाली कुल राशि रु. 4,95,838 करोड़ है, जिसमें से रु. 51,414.5 करोड़ की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है. .2. प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) को पहले इंदिरा आवास योजना कहा जाता था. हालांकि मार्च 2016 में इसका नाम बदल दिया गया. इसका लक्ष्य दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर पूरे ग्रामीण भारत के लिए किफायती और सुगम हाउसिंग को बढ़ावा देना है. इसका उद्देश्य बेघरों को फाइनेंशियल सहायता और पुराने घरों में रहने वालों को पक्के घरों के निर्माण में सहायता प्रदान करना है. मैदानी इलाकों में रहने वाले लाभार्थी रु. 1.2 लाख तक प्राप्त कर सकते हैं और उत्तर-पूर्वी, पहाड़ी क्षेत्रों, इंटीग्रेटेड ऐक्शन प्लान (IAP),और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले हाउसिंग के लिए रु. 1.3 लाख तक का लाभ उठा सकते हैं. वर्तमान में, ग्रामीण विकास मंत्रालय से उपलब्ध डेटा के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,03,01,107 मकानों को स्वीकृति दी जा चुकी है. रियल स्टेट सेक्टर में खरीद को बढ़ावा देने के प्रयास में, सरकार ने PMAY की शुरुआत की, हाउसिंग डेवलपमेंट की इस लागत को केन्द्र और राज्य सरकार में निम्नलिखित तरीकों से शेयर किया जाएगा:

  • मैदानी क्षेत्रों के लिए 64:40.

  • उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 90:10.

इस PMAY स्कीम के लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) से उपलब्ध डेटा के अनुसार की जाएगी और इसमें शामिल होंगे -


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