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Ganna Ki Kheti 2026: उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती

  • Writer: KD Maurya
    KD Maurya
  • Feb 14
  • 2 min read

उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु, सही बीज चयन, खाद प्रबंधन और सिंचाई जरूरी है। यहां गन्ना उत्पादन बढ़ाने की पूरी जानकारी दी गई है।

Sugarcane Farming in UP,गन्ने की खेती कैसे करें
उत्तर प्रदेश में गन्ने की वैज्ञानिक खेती

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है। सही तकनीक अपनाकर किसान 90–110 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन ले सकते हैं। इस लेख में जलवायु, बीज, खाद, सिंचाई, रोग नियंत्रण, लागत और मुनाफे की पूरी जानकारी दी गई है।

📌 1. गन्ने की खेती का महत्व

Sugarcane

4

गन्ने से बनने वाले उत्पाद:

  • चीनी

  • गुड़

  • शीरा

  • इथेनॉल

  • जैव ईंधन

उत्तर प्रदेश में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं।

🌤 2. गन्ने के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी

पैरामीटर

आवश्यकता

तापमान

30–35°C

वर्षा

100–150 सेमी

मिट्टी

दोमट सर्वोत्तम

pH

6.0–7.5

✔ खेत में जल निकास अच्छा होना चाहिए✔ जलभराव से बचाव जरूरी

🌱 3. उत्तर प्रदेश के लिए उन्नत किस्में

शीघ्र पकने वाली (Early Variety)

  • Co 0238

  • Co 0118

मध्य/देर से पकने वाली

  • CoS 8436

  • Co 98014

जल प्लावन क्षेत्र

  • UP 9530

👉 स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से नई किस्म की पुष्टि करें।

🌾 4. बीज चयन और मात्रा

  • रोग-मुक्त बीज चुनें

  • 2–3 आंख वाले पैंडे

  • प्रति हेक्टेयर 50–60 क्विंटल बीज

बीज शोधन

  • गर्म पानी उपचार (50°C)

  • कॉपर सल्फेट घोल

🚜 5. खेत की तैयारी

  1. 2–3 बार गहरी जुताई

  2. 200–250 क्विंटल गोबर खाद मिलाएं

  3. समतल और नमी युक्त भूमि तैयार करें

🌾 6. बुवाई विधि

बुवाई प्रकार

दूरी

लाइन से लाइन

90 सेमी

देर बुवाई

60 सेमी

पैंडा दूरी

20 सेमी

✔ हल के पीछे लाइन बुवाई सर्वश्रेष्ठ

💧 7. सिंचाई प्रबंधन

  • पहली सिंचाई: बुवाई के तुरंत बाद

  • 15–25 दिन अंतराल

  • गर्मियों में 10–15 दिन

आधुनिक तकनीक

  • ड्रिप सिंचाई → 30% पानी बचत

  • स्प्रिंकलर सिंचाई

⚠ अधिक सिंचाई से जड़ सड़न

🌿 8. उर्वरक प्रबंधन

प्रति हेक्टेयर:

  • नाइट्रोजन – 150 किग्रा

  • फास्फोरस – 80 किग्रा

  • पोटाश – 40 किग्रा

  • जिंक सल्फेट – 25 किग्रा

✔ नाइट्रोजन 2–3 भाग में दें✔ जैविक खाद का प्रयोग करें

🌱 9. खरपतवार नियंत्रण

  • पेंडिमेथालिन 3.3 किग्रा/हेक्टेयर

  • प्रत्येक सिंचाई के बाद गुड़ाई

  • जून–जुलाई में मिट्टी चढ़ाएं

🐛 10. रोग और कीट नियंत्रण

प्रमुख रोग

  • काना रोग

  • कन्डुआ रोग

  • उकठा

प्रमुख कीट

  • तना बेधक

  • दीमक

  • चोटी बेधक

✔ रोग-रोधी किस्म अपनाएं✔ फसल चक्र अपनाएं✔ संतुलित उर्वरक उपयोग

🌾 11. कटाई और उपज

  • कटाई समय: नवंबर–अप्रैल

  • शीघ्र पकने वाली: 80–90 टन/हेक्टेयर

  • देर वाली: 90–110 टन/हेक्टेयर

कटाई के बाद तुरंत मिल भेजें।

💰 12. लागत और मुनाफा (Approx)

विवरण

अनुमानित राशि

कुल लागत

₹1.5–2 लाख/हेक्टेयर

औसत उपज

90 टन

औसत रेट

₹390/क्विंटल

कुल आय

₹3.5–4 लाख

शुद्ध लाभ

₹1.5–2 लाख

👉 वास्तविक लाभ क्षेत्र और प्रबंधन पर निर्भर करता है।

📲 डिजिटल गन्ना सुविधा

  • ऑनलाइन गन्ना पर्ची

  • SMS अलर्ट

  • डिजिटल भुगतान

  • मिल शेड्यूल ट्रैकिंग

❓ FAQ

गन्ने की बुवाई कब करें?

शरद और बसंत दोनों मौसम उपयुक्त हैं।

गन्ने की सबसे अच्छी किस्म कौन सी?

Co 0238 UP में लोकप्रिय है।

प्रति एकड़ उत्पादन कितना?

35–45 टन प्रति एकड़ संभव।

गन्ने में सबसे बड़ा नुकसान क्या?

जलभराव और तना बेधक।


🏆 निष्कर्ष

वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक और सही सिंचाई अपनाकर गन्ने की खेती से उच्च उत्पादन और अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

 
 
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