UP Krishi Yantra Anudan 2026: कृषि यंत्र अनुदान में कौन-कौन से यंत्र मिलते हैं? पूरी जानकारी
- Krishna (MyKisan Team)

- Dec 19
- 5 min read
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उत्पादन लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि यंत्र अनुदान योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकारी सब्सिडी (अनुदान) प्रदान की जाती है।
यह लेख उन किसानों के लिए है जो यह जानना चाहते हैं कि👉 अनुदान में कौन-कौन से कृषि यंत्र शामिल हैं,👉 किस यंत्र का उपयोग किस कार्य में होता है,👉 और यंत्र खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
⚠️ नोट: इस पोस्ट में टोकन बुकिंग की प्रक्रिया नहीं बताई गई है।टोकन जनरेट करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया अलग पोस्ट में दी गई है।

🔎 UP Krishi Yantra Anudan 2026 – संक्षिप्त विवरण
योजना का नाम: कृषि यंत्र अनुदान योजना
राज्य: उत्तर प्रदेश
लाभ: 50% से 80% तक अनुदान (यंत्र के अनुसार)
लाभार्थी: पंजीकृत किसान
आधिकारिक पोर्टल: https://www.upagriculture.com
🌾 कृषि यंत्र अनुदान योजना क्यों जरूरी है?
छोटे और सीमांत किसानों की लागत कम होती है
खेती में समय और श्रम की बचत
आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा
फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार
🛠️ अनुदान में शामिल प्रमुख कृषि यंत्र (वर्ग अनुसार)
क्रम | कृषि यंत्र का नाम | उपयोग / कार्य |
1 | गन्ना लगाने वाला / काटने वाला (Sugarcane Planter / Cutter) | गन्ने की बुवाई एवं कटाई के लिए |
2 | आधा स्वचालित आलू लगाने वाला (Semi-Automatic Potato Planter) | आलू की बुवाई में सहायक |
3 | स्वचालित आलू लगाने वाला (Automatic Potato Planter) | आलू की तेज व समान बुवाई के लिए |
4 | स्प्रिंग लोडेड 9-टाइन कल्टीवेटर | खेत की जुताई व भूमि तैयारी |
5 | 7-टाइन रिजिड कल्टीवेटर | खेती से पहले भूमि की तैयारी |
6 | 3-टाइन कल्टीवेटर | सामान्य जुताई व खेत तैयारी |
7 | 6 लेवलर | खेत की सतह को समतल करने हेतु |
8 | 8 डिस्क टी.टी. हैरो | फसल के बाद खेत की सफाई |
9 | 10 डिस्क हैवी टाइप ट्रेलिंग हैरो | कठोर भूमि की तैयारी एवं अवशेष हटाने में |
10 | ब्लेड टाइप बंड फार्मर | खेत की मेड़ व भूमि निर्माण |
11 | 8-रो स्वयं चालित धान रोपण मशीन | धान के पौधों की रोपाई |
12 | धान रोपण मशीन (Rice Transplanter) | धान की खेती के लिए |
13 | धान नर्सरी रोपण यंत्र | धान की पौध तैयार करने में |
14 | ड्रम सीडर | धान व अन्य फसलों की सीधी बुवाई |
15 | हैप्पी सीडर (Happy Seeder) | फसल अवशेष के साथ बुवाई |
16 | शून्य जुताई बीज-सह-उर्वरक ड्रिल | बिना जुताई बुवाई व उर्वरक डालने हेतु |
17 | 3 फरो रीपर | फसल काटने के लिए |
18 | रीपर बाइंडर | फसल काटने व बाँधने में |
19 | धान डंडी रीपर (Tractor Mounted Vertical Conveyor) | धान की कटाई के लिए |
20 | 4-पहिया पावर थ्रेसर | अनाज की मड़ाई (थ्रेसिंग) |
21 | बहु-फसल थ्रेसर (Multi Crop Thresher) | विभिन्न अनाज फसलों की मड़ाई |
22 | मक्का थ्रेसर (Maize Thresher) | मक्के की फसल की मड़ाई |
23 | सूरजमुखी पावर थ्रेसर | तिलहनी फसलों की मड़ाई |
24 | पावर विनोइंग मशीन | अनाज की सफाई |
25 | पावर स्प्रेयर | कीटनाशक व दवाओं का छिड़काव |
नोट: कृषि यंत्रों की उपलब्धता, अनुदान प्रतिशत एवं पात्रता
जिला, योजना और वर्ष के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
🌱 बुवाई व रोपाई से जुड़े कृषि यंत्र
गन्ना लगाने वाला / काटने वाला
आधा स्वचालित व स्वचालित आलू प्लांटर
धान रोपण मशीन (Rice Transplanter)
ड्रम सीडर
हैप्पी सीडर
🚜 भूमि तैयारी के कृषि यंत्र
3-टाइन, 7-टाइन, 9-टाइन कल्टीवेटर
डिस्क हैरो (8 डिस्क / 10 डिस्क)
लेवलर
ब्लेड टाइप बंड फार्मर
🌾 कटाई व मड़ाई से जुड़े कृषि यंत्र
रीपर व रीपर बाइंडर
धान डंडी रीपर (Tractor Mounted)
पावर थ्रेसर
मक्का थ्रेसर
बहु-फसल थ्रेसर
सूरजमुखी पावर थ्रेसर
💧 फसल सुरक्षा व अन्य यंत्र
पावर स्प्रेयर
शून्य जुताई बीज-सह-उर्वरक ड्रिल
📌 सभी कृषि यंत्र हर जिले में उपलब्ध हों, यह आवश्यक नहीं है।यंत्रों की सूची जिला-वार अलग हो सकती है।
📌 कृषि यंत्र खरीदने से पहले किसान क्या ध्यान रखें?
अपनी फसल और क्षेत्र के अनुसार यंत्र का चयन करें
ट्रैक्टर की क्षमता (HP) के अनुसार यंत्र लें
जिले में यंत्र की उपलब्धता की पुष्टि करें
अनुदान प्रतिशत यंत्र-वार अलग हो सकता है
केवल अधिकृत डीलर से ही यंत्र खरीदें
🔗 कृषि यंत्र अनुदान के लिए आवेदन व टोकन बुकिंग
यदि आप अनुदान हेतु बुकिंग और टोकन जनरेट करना चाहते हैं, तो उसकी पूरी प्रक्रिया इस पोस्ट में दी गई है:
👉 UP Agriculture Token Booking 2026: कृषि यंत्रों हेतु बुकिंग व टोकन जनरेट कैसे करें?
❓ FAQs – UP Krishi Yantra Anudan 2026
Q1. UP Krishi Yantra Anudan योजना क्या है?
उत्तर:UP Krishi Yantra Anudan योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 50% से 80% तक अनुदान प्रदान करती है, ताकि खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा सके।
Q2. कृषि यंत्र अनुदान के लिए कौन पात्र है?
उत्तर:वे किसान पात्र होते हैं जो:
उत्तर प्रदेश के निवासी हों
UP Agriculture Portal पर पंजीकृत हों
वैध भूमि रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) रखते हों
Q3. कौन-कौन से कृषि यंत्र अनुदान में शामिल होते हैं?
उत्तर:अनुदान में बुवाई, रोपाई, भूमि तैयारी, कटाई और मड़ाई से जुड़े यंत्र शामिल होते हैं, जैसे – कल्टीवेटर, हैरो, रीपर, थ्रेसर, पावर स्प्रेयर, हैप्पी सीडर, आलू प्लांटर, धान रोपण मशीन आदि।
Q4. क्या सभी जिलों में सभी कृषि यंत्र उपलब्ध होते हैं?
उत्तर:नहीं। कृषि यंत्रों की उपलब्धता जिला-वार अलग-अलग हो सकती है। यह संबंधित जिले की योजना, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है।
Q5. कृषि यंत्र अनुदान कितना मिलता है?
उत्तर:अनुदान की राशि यंत्र के प्रकार और योजना के नियमों के अनुसार अलग-अलग होती है। सामान्यतः यह 50% से 80% तक हो सकती है।
Q6. क्या एक किसान एक से अधिक कृषि यंत्रों पर अनुदान ले सकता है?
उत्तर:यह योजना की शर्तों और विभागीय दिशा-निर्देशों पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में सीमित संख्या में यंत्रों पर ही अनुदान मिलता है।
Q7. क्या कृषि यंत्र खरीदने से पहले टोकन जनरेट करना जरूरी है?
उत्तर:हाँ। अनुदान प्राप्त करने के लिए पहले टोकन जनरेट करना अनिवार्य होता है। बिना टोकन के खरीदे गए यंत्र पर अनुदान नहीं दिया जाता।
Q8. कृषि यंत्र अनुदान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहाँ मिलेगी?
उत्तर:कृषि यंत्र अनुदान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपडेट UP Agriculture Portal (upagriculture.com) पर उपलब्ध होती है।
Q9. कृषि यंत्र अनुदान से किसानों को क्या लाभ होता है?
उत्तर:इस योजना से किसानों की खेती की लागत कम होती है, समय और श्रम की बचत होती है तथा उत्पादन और आय में वृद्धि होती है।
Q10. क्या MyKisan पर दी गई जानकारी आधिकारिक है?
उत्तर:MyKisan किसी भी सरकारी विभाग से संबद्ध नहीं है। यहाँ दी गई जानकारी किसानों की सहायता हेतु आधिकारिक पोर्टल और सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।र्य है।
ℹ️ महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
MyKisan किसी भी सरकारी विभाग या मंत्रालय से संबद्ध नहीं है।यह जानकारी किसानों की सहायता हेतु आधिकारिक पोर्टल और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर दी गई है।अनुदान से संबंधित अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा लिया जाता है।



